शिक्षा विभाग का एक और घोटाला उजागर-मामला व्योहारी का,
अरविन्द और फूल सिंह मारपाची का धमाल,दर्ज होगी FIR या मिलेगा पुरूस्कार मामला DEO कार्यालय का,
बिशेष सुचना – इस समाचार में लगाये गए बिल AI जनरेटेड नहीं है बल्कि RTI जनरेटेड है
शहडोल , जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल जिले में रमसा योजना में सिविल कार्यों हेतु आए पैसों को दीमक की तरह चाट रहे, धन भक्षी प्रभारी डीईओ मारपाची के साथ संस्था के प्राचार्य की कारगुजारियों पर जितनी चर्चा हो कम है। लोग कहते है फूल सिंह मारपाची DEO एवं अरविंद पांडेय APC RMSA की जोड़ी जब से है तबसे सिर्फ भ्रस्टाचार ही हो रहा है। विगत 5 वर्षों में कई करोड़ का घोटाला हो चुका है।ताजा ताजा पेंट घोटाला आपने सुना ही होगा अब छोटा मामला 2022 में आयुक्त लोक शिक्षण संचनालय द्वारा उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व्योहारी के लिए स्थापना एवं संचालन के लिए 272916/की राशि प्रदाय की गई थी। पूरी राशि का बंदरबाट कर फूल सिंह डकार गए एवं तत्कालीन प्राचार्य को दबाव देकर सभी बिल में हस्ताक्षर कराकर ट्रेजरी से आदेश क्र लेखा/2022/4866 दिनांक 29.12.2022 द्वारा पूरी राशि निकाल लिए न नोटशीट न फ़ाइल,
चर्चा है कि अरविंद पांडेय APC RMSA ही कार्यालय चलाते है,लेकिन अपने हस्ताक्षर नही करते फूल सिंह मारपाची ही सब फ़र्ज़ी बिल पर हस्ताक्षर करते है, हालाकि हम इसकी पुष्टि नही करते???
अब आते है मामले पर जिसके सारे प्रमाण संलग्न है एवं अपराध भी प्रमाणित है –
उत्कृष्ट उ.मा.विद्यालय व्योहारी में कार्यालय से ही फ़र्ज़ी बिल बनाये गए विष्णु प्रसाद पटेल के नाम से बिल न. 1220,1260,1270,1280,1310,1316 जिनकी कुल राशि 91215.00 होती है। यह बात अलग है कि मारपाची को जोड़ना भी नही आता उसने जोड़ा 92215.00 एवं इतने का ही भुगतान किया, खरीद क्या दिखाई 9000 इलाहाबादी चिमनी ईंटा, 7 घन मीटर 20 mm गिट्टी, 20 घनमीटर रेत, 20 घन मीटर मुरूम, सामग्री विद्यालय नही पहुची , काम नही हुआ बिल निकल गया??

इनके द्वारा 1 जुलाई 2017 से लागू GST को खाना नही भूले। सभी बिल में 12% GST का भुगतान दिखाया और खाया ,जबकि रेत गिट्टी मुरूम ईंटा पर GST 5% थी। विष्णु पटेल के पास GST का नंबर नही था तो बिल पर फ़र्ज़ी TIN नंबर 23528103489 लिखा वैसे भी शिक्षा विभाग में कुछ भी हो सकता है। विना GST वाली फर्म को किया गया GST भुगतान भी अवैध है |
दूसरा भुगतान किया नान दाऊ पटेल के नाम से 41693.00 मजदूरी का , अलग बात है मजदूरों का नाम,संख्या,मस्टर रोल नही लगाया, लेकिन आवेदन तो विष्णु पटेल के नाम से पहले फ़र्ज़ी भुगतान के लिए टाइप कर लिए थे, सुधारना भूल गए तो सिर्फ प्रार्थी की जगह लिख दिया नान दाऊ पटेल ,ऊपर वही विष्णु पटेल लिखा रह गया, और हाँ RTI की जानकारी में नान दाऊ के नाम से 2 बिल और लगाए थे बिल न.225 रुपये 16708.00 एवं बिल न. 235 रुपये 14280.00 का, अब पैसा ही चुक गया इन दोनों बिल का पैसा नही निकाल पाए भारी खेद है!! क्योकि अन्य सामग्री के 4 फर्जी बिल और मिल गए थे ।
केंद्र सरकार का नियम है कि 2% का TDS काटना था लेकिन सिर्फ कमीशन के लालच में सिर्फ 0.1 से 0.15% का TDS काटा, जिस पर इनके विरुद्ध्य कार्यवाही कि जनि चाहिए | अभी कई करोड़ के घोटाले उजागर होना बांकी है।

आप निर्णय करे कि शासन एवं प्रशासन को इन्हें निलंबित करना चाहिए??? पुलिस में FIR दर्ज करनी चाहिए???
इनके पूर्ण कार्यकाल की जांच किसी ईमानदार से करानी चाहिए???
या नजराना लेकर फिर से अभयदान दे देना चाहिए क्योंकि सिर्फ 6 माह और है इनके पास भ्रस्टाचार के लिए???
फिर ये रिटायर हो जाएंगे लोग भूल जाएंगे????
लेकिन आपको शासन,प्रशासन को कुम्भकरण की निद्रा से जगाने के लिए हम प्रयत्नशील है???
जिला प्रशासन इनका नाम 15 August पुरुस्कार के लिए भी प्रस्तावित कर सकता है????