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…तो भाजपा सांसद प्रतिनिधि कर सकते हैं धर्म परिवर्तन 

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सांसद की प्रेरणा से प्रेरित नहीं हुए सांसद प्रतिनिधि

शहडोल जिले का जयसिंहनगर एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर दो सांसदों के संसदीय क्षेत्र आते हैं ऐसे में भाजपा के एक सांसद प्रतिनिधि के द्वारा जिस तरह से मिशनरी स्कूलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जा रहा है उससे भाजपा के अंदर भय का माहौल निर्मित हो रहा है । सूत्रों की माने तो भाजपा के आंतरिक  गलियारे में इस बात की चर्चा है कि जयसिंहनगर के एक सांसद प्रतिनिधि के द्वारा स्वयं धर्म परिवर्तन किया जा सकता है और इसके साथ ही दर्जनों ग्राम पंचायत में रहने वाले आदिवासियों को भी इसके लिए प्रेरित किया जा सकता है।
इस मामले में सत्यता क्या है यह तो भाजपा के आंतरिक सूत्र ही जाने लेकिन जिस तरह से निरंतर संवाद की स्थितियां क्षेत्र में संचालित हो रही है इससे गांव-गांव के अंदर कहीं ना कहीं स्थितियां प्रभावित होती हुई नजर आ रही है। इसका लाभ भाजपा को क्या मिलेगा यह तो आने वाले वक्त में ही पता चलेगा लेकिन जिस तरह से चर्चाओं का बाजार गर्म है उससे आने वाले समय में स्थितियां गंभीर हो सकती है । आखिर सवाल क्यों उठ रहा है और इसके पीछे का रहस्य क्या है यह भी जानना आवश्यक प्रतीत होता है ।इस मामले में भाजपा के संगठनात्मक जिम्मेदारों के द्वारा क्या किया जा रहा है और क्या ऐसा संभव है कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब प्रत्येक कार्यकर्ता चाहता है।
गौरतलब है कि संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह ने अपनी बच्ची का दाखिला सरकारी स्कूल में कराकर एक मिसाल कायम किया है जिसकी सराहना सभी के द्वारा किया जा रहा है। इस सराहनीय कदम को लेकर सांसद हिमाद्री सिंह के कार्यकर्ता और जयसिंहनगर जनपद के सांसद प्रतिनिधि रावेंद्र शर्मा उर्फ छोटू ने सोशल मीडिया के माध्यम से उक्त खबर को टैग करते हुए क्या लिखा चलिए आपको पढ़ाते हैं।
सराहनीय पहल …
सांसद महोदया द्वारा अपनी बिटिया का दाखिला शासकीय विद्यालय में कराना एक अत्यंत प्रेरणादायक कदम है। यह न केवल सरकारी शिक्षा व्यवस्था में उनके विश्वास को दर्शाता है, बल्कि आमजन को भी यह संदेश देता है कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से होती है।
इस निर्णय से न केवल शासकीय स्कूलों की छवि सुदृढ़ होगी, बल्कि अन्य लोगों को भी अपने बच्चों को इन्हीं स्कूलों में भेजने की प्रेरणा मिलेगी।
ऐसे जनप्रतिनिधियों को नमन, जो कथनी नहीं, बल्कि अपनी करनी से मिसाल कायम करते हैं।

दरअसल हमने जो आपको अभी उक्त स्टेटमेंट पढ़ाया है यह स्टेटमेंट जयसिंहनगर के सांसद प्रतिनिधि रावेंद्र शर्मा उर्फ छोटू के द्वारा अपने सोशल मीडिया साइट पर अखबार की कटिंग के साथ पोस्ट किया गया है इस पोस्ट में रावेंद्र शर्मा ने सांसद हिमाद्री सिंह के कार्य को सभी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायक शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास दिलाने की शुरुआत और कथनी नहीं करनी से मिसाल कायम करने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में हिमाद्री सिंह की तारीफ़ में कसीदे पढ़े गए हैं। लेकिन 10 जुलाई जब पूरे विश्व के हिंदू समाज के लोगों के द्वारा गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के संगठन के द्वारा सभी कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र के साधु संतों गुरुओं शिक्षकों की पूजा सम्मान करने के लिए निर्देशित किया गया था उसी दिन सांसद प्रतिनिधि रावेंद्र शर्मा सेंट थॉमस हाई सेकेंडरी स्कूल जयसिंहनगर में क्रिश्चियन मिसीनरीज के धर्म गुरुओं या फादर के साथ अपने बच्चे के इंग्लिश मीडियम स्कूल में अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सम्मिलित होकर कैंडल से दीपक जला रहे थे और इस कार्यक्रम में उनके द्वारा भाषण भी दिया गया। गौरतलब है की एक तरफ सांसद प्रतिनिधि सोशल मीडिया साइट पर सांसद हिमाद्री सिंह को सभी का प्रेरणा स्रोत बता रहे हैं और खुद अपनी सांसद से प्रेरित नहीं दिख रहे दूसरी बात सांसद द्वारा मिसाल कायम करने की बात भी केवल सांसद तक ही सीमित दिख रही है क्योंकि सांसद प्रतिनिधि तो क्रिश्चियन मिशनरी स्कूल में गुरु पूर्णिमा के दिन कैंडल से दीप प्रज्वलित करके कुछ और ही मिसाल कायम करना चाह रहे हैं इस मिसाल की समाज के सभी लोगों के द्वारा प्रशंसा भी की जा रही है। सांसद प्रतिनिधि ने धर्मनिरपेक्षता के मौलिक सिद्धांत को अपनाते हुए गुरु पूर्णिमा के दिन क्रिश्चियन फादर के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित होकर वास्तविकता में बड़ी मिसाल कायम की है।

वहीं पर बात सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास को लेकर सांसद महोदय ने तो पूरा विश्वास दिखाया है लेकिन सांसद प्रतिनिधि रावेंद्र शर्मा ने अपने बच्चे का दाखिला प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल में लिखा कर सभी को यह विश्वास दिलाया है कि उनका विश्वास अभी केवल सोशल मीडिया में लिखने और बोलने तक ही सीमित है।
सांसद हिमाद्री सिंह ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास को एक बदलाव की शुरुआत के रूप में सांसद प्रतिनिधि ने देखा है। लेकिन इस शुरुआत तो केवल सांसद तक की सीमित देखा जा रहा है। यदि सांसद को सांसद प्रतिनिधि अपना आदर्श प्रेरणा स्रोत मानते तो उनके इस सराहनीय कदम के पीछे खुद भी कदम ताल करते दिखते हैं। वैसे भी जयसिंहनगर क्षेत्र में सांसद प्रतिनिधि रावेंद्र शर्मा के ठेकेदारी से लेकर राजनीतिक पकड़ और प्रशासनिक मैनेजमेंट को लेकर तमाम तरह के कयासों का बाजार गर्म रहता है। जिसकी बानगी कम समय में तेजी से बड़ी आर्थिक और राजनीतिक ऊंचाई के रूप में बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।
सांसद हिमाद्री सिंह वैसे तो हर क्षेत्र में सक्रिय दिखाई देती है लेकिन शायद अपने आसपास के परिवेश और प्रतिनिधियों को सोशल मीडिया के माध्यम से ही जान पाती है। आखिरकार संसदीय क्षेत्र तो सांसद प्रतिनिधि को उस क्षेत्र में सांसद के रूप में ही मान्यता देता है और उन्हीं का प्रतिरूप, प्रतिनिधि माना जाता है। कहीं कहावत सुनी थी की दिया तले हमेशा अंधकार होता है जो दीपक सभी को प्रकाश देता है। उस दीपक के नीचे खुद अंधकार होता है। सांसद हिमाद्री सिंह को एक बार अपने आसपास के परिवेश की समीक्षा करनी चाहिए।

पर्दे के पीछे कई रहस्य
सांसद प्रतिनिधि को लेकर भाजपा गलियारे में आखिर इतने सवाल जवाब क्यों हो रहे है यह तो संगठन ही जाने लेकिन कार्यकर्ताओं की माने तो जिस तरीके से अंदर खाने में यह सवाल तेजी से संचालित हो रहा है। उससे भाजपा के कई और रहस्य भी सामने आ सकते हैं और इससे कितना नुकसान होगा यह तो आगे आने वाले समय में ही पता चलेगा।

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