जिसे प्रिंसिपल की जिम्मेदारी सौप कर शासन प्रशासन चैन की नीदं सो रहा थाा उस प्रिंसपल की काली करतूतो को हास्टल अधीक्षक ने कुछ इस तरह बेनकाब किया कि रहस्यो की परत ही बेपर्दा हो गई । गौरतलब है कि जिन बच्चो की सुविधाओ के लिए करोड़ो रू का बजट आवांटित कर अधिकारी सोच रहे थे कि बच्चो का भविश्य सुरक्षित है लेकिन बच्चे छात्रावास मे भी असुरक्षित है। जिसकी बजह से छात्रावास के कुछ छात्रों ने अपने विद्धालय के प्रिंसिपल कमलेश मिश्रा के ऊपर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए ब्यौहारी क्षेत्र के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी से शिकायत की ।
व्योहारी विधानसभा क्षेत्र अतंर्गत शिक्षा विभाग में एक विवाद शांत नहीं होता है उसके पहले ही दूसरा विवाद फिर सामने आ जाता है। एक संवेदनशील घटनाक्रम में छात्र- अधीक्षक एवं प्रिंसिपल-के बीच चल रहा संघर्ष, आरोप प्रत्यारोप से जन जन मे चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में शासकीय मॉडल उच्चतर माध्मिक विद्धालय खड़हुली की काली सच्चाई जन जन तक पहुच गई है। 100 सीटर बच्चों के छात्रावास के कुछ छात्रों ने अपने प्रिंसिपल कमलेश मिश्रा के ऊपर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए ब्यौहारी क्षेत्र के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी से शिकायत करते हुए अपनी बात रखी है।
प्रिंसिपल ने छात्रावास के छात्रों को धमकाया
छात्रावास के छात्रों ने पत्र के माध्यम से अपनी फरियाद शासन प्रशासन तक पहुचाने का प्रयास किया है। छात्रावास अधीक्षक लक्ष्मण सोनी के द्वारा स्कूल के प्रिंसिपल कमलेश मिश्रा से बच्चों के नाश्ता, खान-पान,टूटे खिड़की गेट से संबंधित तमाम समस्याओं के लिए मौखिक रूप से आवाज उठाने का प्रयास किया। जिससे नाराज प्रिंसिपल कमलेश मिश्रा ने बच्चों को अपने अधीक्षक के विरुद्ध आरोप लगाने ओर उसकी लिखित शिकायत करने का दबाव बनाने का प्रयास किया। जिसके बाद छात्रों द्वारा लिखित शिकायत नहीं करने की स्थिति में उन्हें स्कूल से और छात्रावास से बाहर निकालने की भी धमकी दी गई है।
एस डी एम से मांगा न्याय
भयभीत छात्रों ने एस डी एम को दिए शिकायत पत्र में परिस्थितियो को बेनकाब किया है। जिसकी जांच अधिकारियों के द्वारा किया जाना है लेकिन इस पूरे मामले में प्रिंसिपल को सवालों की घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है जिस स्कूल और छात्रावास के लिए सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च करके एक मॉडल स्कूल में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के का प्रयास किया है उसमें स्कूल हॉस्टल संचालन में भोजन, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओ पर ही प्रश्नचिन्ह उठ गया है। यहा मरम्मत एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदी के लिए मिलने वाली राशि मेंं कदाचरण व भ्रष्टाचार का मामला निकलकर सामने आ रहा है ।
कौन कहता है नटवरलाल
सूत्रो की माने तो नटवरलाल के नाम पर एक ख्यातिलब्ध व्यक्ति का नाम लिए बिना ही बार बार इशारा किया जा रहा है आखिर यहा पर नटवरलाल कौन है यह सवाल भी सामने आता है। जिस तरह से शासकीय मॉडल उच्चतर माध्मिक विद्धालय खड़हुली में शासकीय राशि का गबन करने के साथ ही छात्रों की सुविधाओ का भी गबन किया जा रहा है वह अपने आप में ही गंभीर है। यू तो शिकायत के बाद कुछ समस्यायो का निदान करने का प्रयास प्रिसिपल के द्वारा किया गया है पर कई और रहस्यो पर पर्दा डाला गया है।
अपनी शक्तियो का कर रहे दुरूपयोग
शिकायत की सत्यता को प्रमाणित किया जाता है तो रहस्य बेपर्दा होगेें और जबाबदेही भी तय होनी चाहिए लेकिन आपसी बंदरबाट की कला में अब सब कुछ ठीक बन गया है। सूत्रो की माने तो स्कूल की गुणवत्ता को बढ़ाने के बजाय प्रिंसिपल कमलेश मिश्रा अपने खिलाफ उठने वाली किसी भी आवाज को दबाने के लिए अपनी शक्तियों का दुरूपयोग किया जाने का भी आरोप लगा हैं। मॉडल हाई सेकेंडरी स्कूल खड़हुली में एक उच्च स्तरीय जांच किए जाने की आवश्यकता है और दोषियो की जबाबदेही भी तय होनी चाहिए ।
कैसे सुरक्षित होगा भविष्य
छात्रावास के छात्रों की इस समस्या ने शासन प्रशासन के लिए एक और समस्या खड़ी कर दी है जिसमे उनके भविश्य को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में यू तो बच्चे अपनी बात सबके सामने नही रख पाते है ऐसे मे यदि एक जिम्मेदार अधिकारी इस तरह की घटना को निरूपित करेगें तो क्या बच्चो का भविश्य और जीवन सुरक्षित हो पाएगा?