मुद्रिका के जादुई ताकतो में झूमते शासन प्रशासन के नियम कानूनः फिर सामने आया सचिवो के तबादले का एक और काला जादू….
सचिवों के ट्रांसफर मामले में अनोखा कारनामा !
शहडोल ।मुद्रिका है तो मुमकिन है और मुद्रिका है तो कुछ भी हो सकता है शहडोल जिले में प्रभारी मंत्री,आईएएस अधिकारियों, विधायको, भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ ही अन्य अधिकारियो के मान मर्दन मे प्रभावशील व्यक्तित्व के रूप मे प्रचारित मुद्रिका का जादू जन जन में चर्चा का विषय है। बहुआयामी प्रतिभा के धनी मुद्रिका का प्रभाव सचिवो के स्थानांतरण मे कितना तिलिस्मी है कि सचिव संघ भी पहले न्यायालय की शरण मे जा चुका है। इनकी जादुई ताकतो के सामने शासन प्रशासन के नियम कानून झूमते नजर आ रहे है। सचिवो के तबादले का काला जादू इन दिनो जन जन में व्याप्त है। इनका फिर एक नया जादू जनचर्चाओ में है। कभी बुढ़ार ब्लाक की कमान सम्हालने वाले मुद्रिका का कमाल फिर सुर्खियो मे है।
गौरतलब है कि जिले में ग्राम पंचायत के सचिवों का ट्रांसफर का मामले पर आए दिन कुछ ना कुछ ऐसा खुलासा सामने आता है जो पूरी ग्रामीण विकास विभाग की कार्य शैली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर देता है। इस बार जो मामला निकाल कर सामने आ रहा है वह काफी दिलचस्प है जहां एक ग्राम पंचायत सचिव के रहते हुए उसे बिना स्थानांतरित किये दूसरे सचिव को भेज दिया गया और कुछ दिन बाद उसी ग्राम पंचायत के सचिव पद को रिक्त बताते हुए दूसरे सचिव को उस पंचायत का अतिरिक्त प्रभार भी दे दिया गया। इस तरह एक ग्राम पंचायत में एक ही समय में तीन सचिव की तैनाती जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा कर दिया गया। जिस पर प्रशासनिक कार्यशैली पर ही चर्चा शुरू हो गई है।
जिलेभर के सचिवों का हुआ ट्रांसफर

मध्य प्रदेश शासन की स्थानांतरण नीति 2025 का पालन करते हुए जिला पंचायत द्वारा सचिवों का स्थानांतरण एक पंचायत से दूसरे पंचायत में किया गया जहां बुढार जनपद के मलया कुंड ग्राम पंचायत में कमलेश मिश्रा सचिव के रूप में 30 जून 2025 तक के लिए नियुक्त रहे। लेकिन कमलेश मिश्रा को मलया कुंड से ट्रांसफर किए बिना खरला ग्राम पंचायत के सचिव कपूरे लाल पाव को उनके स्थान पर कार्य करने के लिए स्थानांतरण आदेश जारी किया गया। अब इससे आगे का मामला और भी रोचक तब हो गया जब जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमपी सिंह ने मालिया कुंड ग्राम पंचायत को 30 जून 2025 से रिक्त होने की स्थिति का हवाला देते हुए नौगवा के सचिव अजेंद्र प्रताप सिंह को मलया कुंड ग्राम पंचायत का अतिरिक्त प्रभार लेने के लिए भी आदेश जारी कर दिया गया। गौर तलब है की दोनों ही आदेश शहडोल जिले के जिला पंचायत प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमपी सिंह के हस्ताक्षर से जारी किए गए। जब कोई कर्मचारी कार्यरत है तो उसे हटाए बिना किसी दूसरे को कैसे नियुक्त किया जा सकता है। तो दूसरी तरफ यदि 17 जून 2025 के ट्रांसफर पॉलिसी के तहत जी सचिव का पूरे लाल पाव का ट्रांसफर किया गया उसका आदेश निरस्त किए बिना और कार्यरत सचिव कमलेश मिश्रा के रिटायरमेंट डेट से पहले किसी दूसरे सचिव को अतिरिक्त प्रभार कैसे दिया जा सकता है। ऐसे तमाम सवाल आज ग्रामीण विकास विभाग की गलियारों से निकलकर राजनीतिक गलियारो से होते हुए लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण विकास विभाग में निकल करने वाले तमाम मामलों को देखकर ऐसा लगता है जैसे की इस विभाग का संचालन बिना किसी नियम कानून कायदे और प्रशासनिक नियमावली को दरकिनार करते हुए सिर्फ आदेश निकल जाते हैं। ऐसे कारनामों के कारण ही आज शेड्यूल ग्रामीण विकास विभाग पूरे मध्य प्रदेश में सुर्खियां बटोरता दिखता है लेकिन कमाल है कि करनामा रुकने का नाम ही नहीं ले रहे एक मामला शांत पड़ता नहीं है की दूसरा मामला सर उठाकर खड़ा हो जाता है।
कौन करेगा जवाबदेही सुनिश्चित
जिला प्रशासन का संचालन के लिए बेहद स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। जहां हर कर्मचारी अधिकारी के कार्य अधिकार और जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निश्चित है। वही इस नए मामले पर एक ही कार्यालय और एक ही अधिकारी मुद्रिका सिंह के द्वारा 17 जून को और 29 जून को एक ही ग्राम पंचायत को लेकर दो अलग-अलग आदेश मामले पर किसे जवाबदेह माना जाएगा किसे नहीं इसकी जानकारी कोई प्रशासन का जानकारी बता सकता है लेकिन आम व्यक्ति जो नियम कानून की इतनी जानकारी नहीं रखता है उसे भी ऐसे कारनामों के पीछे कौन जिम्मेदार है उसे भली-भांति समझता है।
इनका कहना है
एमपी सिंह
अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल
“जो ट्रांसफर ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 17 जून को किए गए हैं इस आदेश का पालन किया जाना है जो बाद में आदेश हुआ है उसे ज्वाइन नहीं करना है। बाकी एक ही स्थान के लिए दो आदेश कैसे हुए इस विषय में ऑफिस में जाकर देख कर ही बता पाऊंगा।
“आपके माध्यम से मुझे जानकारी प्राप्त हुई है। इसे दिखवाने के बाद ही मैं कुछ बोल सकूंगी।
आई ए एस
सौम्या आनंद
मुख्य कार्यपाली जिला पंचायत शहडोल